Rj News

Welcome to Rj News , your go-to resource for acing government exams! Our blog is dedicated to providing comprehensive study notes, tips, and strategies tailored specifically for aspiring candidates.

Rajasthan police si

History of rajasthan

Rj Exam

 Bhakti and Sufi Movements in India: चिश्ती सिलसिला (ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती से अमीर खुसरो तक)

Sufi-Saints-of-India


Sufi Movement in Hindi: भारत में सूफी आंदोलन मध्यकालीन इतिहास का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस ब्लॉग में हम चिश्ती सिलसिला (Chishti Silsila), उसके संस्थापक ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती, और अन्य महान सूफी संतों के बारे में विस्तार से जानेंगे। यदि आप UPSC, SSC या PSC की तैयारी कर रहे हैं, तो यह जानकारी आपके लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।


Bhakti & Sufi Movement in India :- Part 1 मध्यकालीन भारत का इतिहास , भक्ति आंदोलन : वैष्णव संप्रदाय, शंकराचार्य का जीवन, दर्शन, मठ व ग्रंथ

मध्यकालीन भारत का इतिहास - भक्ति एवं सूफी आंदोलन Part -2( रामानुजाचार्य, मध्वाचार्य एवं निम्बार्काचार्य ,रामानंद, कबीरदास एवं रैदास / रविदास )


​चिश्ती सिलसिला (Chishti Silsila) का इतिहास

​भारत में चिश्ती सिलसिले की जड़ें बहुत गहरी हैं। इस सिलसिले के संत अपनी सादगी और वैरागी जीवन के लिए जाने जाते थे।

  • भारत में संस्थापक: ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती।
  • मूल संस्थापक (विदेश में): अबु अब्दाल चिश्ती (खुरासान/हैरात)।
  • तर्क-ए-दुनिया: चिश्ती संत सांसारिक सुखों का त्याग करते थे, जिसे सूफी शब्दावली में 'तर्क-ए-दुनिया' कहा जाता है।

​प्रमुख चिश्ती संत और उनकी दरगाह (Quick Table)

सूफी संत

मृत्यु वर्ष

दरगाह का स्थान

ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती

1235 ई.

अजमेर (राजस्थान)

कुतुबुद्दीन बख्तियार काकी

1235 ई.

दिल्ली

बाबा फरीद (गंज-ए-शक्कर)

1265 ई.

अजोधन (पाकिस्तान)

निजामुद्दीन औलिया

1325 ई.

दिल्ली

नासिरुद्दीन चिराग-ए-देहली

1356 ई.

दिल्ली



1. ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती (गरीब नवाज)

ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती 1192 ई. में मोहम्मद गौरी के साथ भारत आए थे। उस समय दिल्ली पर पृथ्वीराज चौहान तृतीय का शासन था।

  • जन्म: 1141 ई., सिस्तान (ईरान)।
  • उपाधियाँ: मोहम्मद गौरी ने उन्हें 'सुल्तान-उल-हिंद' (हिंद का आध्यात्मिक राजा) कहा, जबकि भक्त उन्हें 'गरीब नवाज' कहते हैं।
  • दरगाह: इनकी मजार का निर्माण इल्तुतमिश ने शुरू करवाया और पक्की मजार मालवा के सुल्तान मोहम्मद खिलजी ने बनवाई।
  • विशेष तथ्य: अजमेर शरीफ में रज्जब माह की 1 से 6 तारीख तक 'उर्स' का मेला लगता है, जो सांप्रदायिक सद्भाव का प्रतीक है।

​2. हजरत निजामुद्दीन औलिया और अमीर खुसरो

​निजामुद्दीन औलिया चिश्ती सिलसिले के सबसे लोकप्रिय संत माने जाते हैं। उन्होंने 7 सुल्तानों का शासन देखा लेकिन कभी किसी के दरबार में नहीं गए।

  • योग और प्राणायाम: वे योग में इतने निपुण थे कि उन्हें 'योगी सिद्ध' भी कहा जाता था। उनकी योग विधि को 'हब्स-ए-दम' कहते हैं।
  • प्रसिद्ध संवाद: जब गयासुद्दीन तुगलक ने उन्हें दिल्ली छोड़ने का आदेश दिया, तो औलिया ने कहा था— "हनुज दिल्ली दूर अस्त" (दिल्ली अभी दूर है)।
  • अमीर खुसरो: औलिया के सबसे प्रिय शिष्य। उन्हें 'तोता-ए-हिंद' कहा जाता है। उन्होंने सितार और तबले का आविष्कार किया और वे उर्दू के पहले शायर माने जाते हैं।

​3. अन्य महत्वपूर्ण सूफी सिलसिले (Sufi Silsila)

​सुहरावर्दी संप्रदाय (Suhrawardi)

​इसकी स्थापना बहाउद्दीन जकारिया ने भारत में की थी। चिश्ती संतों के विपरीत, ये संत राजकीय संरक्षण स्वीकार करते थे और ऐश्वर्यपूर्ण जीवन जीते थे।

​कादिरी संप्रदाय (Qadri)

​यह इस्लाम का पहला रहस्यवादी पंथ था। मुगल शहजादा दारा शिकोह इसी सिलसिले का अनुयायी था। अमृतसर के स्वर्ण मंदिर की नींव कादिरी संत मियाँ मीर ने ही रखी थी।

​नक्शबंदी संप्रदाय (Naqshbandi)

​यह सबसे कट्टर सिलसिला था। शेख अहमद सरहिन्दी इसके प्रमुख संत थे जिन्होंने अकबर की उदार नीतियों का विरोध किया था। औरंगजेब इसी विचारधारा से प्रभावित था।

​अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्र.1 भारत में चिश्ती सिलसिले की शुरुआत किसने की?

उत्तर: भारत में चिश्ती सिलसिले की शुरुआत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती ने 12वीं शताब्दी के अंत में की थी।

प्र.2 'तोता-ए-हिंद' किसे कहा जाता है?

उत्तर: प्रसिद्ध कवि और सूफी शिष्य अमीर खुसरो को 'तोता-ए-हिंद' कहा जाता है।

प्र.3 कुतुबमीनार का नाम किस सूफी संत के नाम पर रखा गया है?

उत्तर: कुतुबमीनार का नाम ख्वाजा कुतुबुद्दीन बख्तियार काकी के नाम पर रखा गया है।


कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

कृपया सम्बन्धित पोस्ट को लेकर अपने सुझाव दें।

Bottom Ad [Post Page]