मध्यकालीन भारत का इतिहास - भक्ति एवं सूफी आंदोलन Part -4 महाराष्ट्र में भक्ति आंदोलन(ज्ञानेश्वर, नामदेव, तुकाराम, एकनाथ, समर्थ गुरु रामदास, चोखामेला,सूफी आंदोलन : प्रारम्भ, शब्दावली, दर्शन,)
![]() |
महाराष्ट्र में भक्ति आंदोलन(ज्ञानेश्वर, नामदेव, तुकाराम, एकनाथ, समर्थ गुरु रामदास, चोखामेला)
महाराष्ट्र में भक्ति आंदोलन
- प्रेरक देवता – विठोबा / विट्ठल (पंढरपुर का देवता, विष्णु का अवतार)
- महाराष्ट्र में धर्म दो भागों में विभाजित था –
1. वारकरी / वरकरी संप्रदाय
- वरकरी – परिक्रमा करने वाले लोग
- सौम्य स्वभाव, भावुक जनता का धर्म
- कृष्ण (विठोबा) की पूजा
- प्रमुख संत – ज्ञानदेव, नामदेव, तुकाराम
2. धरकरी / धरना संप्रदाय
- एक ही स्थान पर रहने वाले
- राम की पूजा
- सैद्धान्तिक प्रवृत्ति
- संस्थापक – समर्थ गुरु रामदास
महाराष्ट्र के प्रमुख भक्ति संत
🕉️ संत ज्ञानेश्वर
- (1285–1353 ई.)
- जन्म – 1285 ई., औरंगाबाद (महाराष्ट्र)
- गुरु – निवृत्तिनाथ
- पिता – विट्ठापंत
- माता – रुक्मणी बाई
प्रमुख ग्रंथ
- ज्ञानेश्वरी / भावार्थ दीपिका
- मराठी भाषा में श्रीमद्भगवद्गीता की टीका
- अमृतानुभव
- चंगदेवप्रशस्ति
🕉️ संत नामदेव
- (1270–1350 ई.)
- जन्म – 26 अक्टूबर 1270
- जन्म स्थान – पंढरपुर, बामणी गाँव (कृष्णा नदी तट)
- पिता – दामासेठ
- माता – गौणदेवी
- पत्नी – राजाबाई
- गुरु – विसोबा खेचर (विठोबा)
अन्य तथ्य
- जाति – छीपा
- बचपन में डाकू, हृदय परिवर्तन के बाद संत
- 61 पद्य आदिग्रंथ में शामिल
- दिल्ली में सूफी संतों से वाद-विवाद
- ज्ञानेश्वर के साथ भ्रमण
- बाद में महाराष्ट्र छोड़कर धोमन गाँव (गुरदासपुर, पंजाब) में निवास
- हिन्दू एवं सिख – दोनों में समान रूप से पूज्य
🕉️ संत तुकाराम
- (1520–1598 ई.)
- जन्म – पुणे (महाराष्ट्र)
- पिता – बोल्होबा / बहेला
- माता – कनकाई
- पत्नी – जीजाबाई
- जाति – शूद्र
भक्ति
- स्वयं विठोबा की पूजा
- ग्रंथ – तुकाराम री वाणी
🕉️ एकनाथ
- (1533–1599 ई.)
- जन्म – पैठन, औरंगाबाद (महाराष्ट्र)
- गुरु – जनार्दनस्वामी
- संत ज्ञानेश्वर से प्रभावित
कार्य
- ज्ञानेश्वरी का प्रामाणिक संस्करण प्रकाशित
ग्रंथ
- चतुश्लोकी भागवत
- भावार्थ रामायण
- रुक्मणी स्वयंवर
- भगवद्गीता के चार श्लोकों पर टीका
🕉️ समर्थ गुरु रामदास
- (1608–1681 ई.)
- मूल नाम – नारायण सूर्यजी पन्त
- प्रसिद्धि – समर्थ गुरु
- धरकरी संप्रदाय के संस्थापक
जीवन
- 12 वर्ष तक सम्पूर्ण भारत भ्रमण
- कृष्णा नदी तट पर चफाल में राम मंदिर
- वहीं निवास
संप्रदाय
- रामदासी संप्रदाय / परमार्थ संप्रदाय
- मुख्य आश्रम – सज्जनगढ़ (सतारा)
विशेषताएँ
- ‘राम-राम’ अभिवादन की शुरुआत
- पंथ का स्वरूप – गैर-राजनीतिक
- पूर्णतः ब्राह्मणों का पंथ
- शिवाजी के आध्यात्मिक गुरु
प्रमुख ग्रंथ
- दासबोध (दशबोध)
- आनन्दवन भुवन
🕉️ चोखामेला
- जन्म – महार जाति, सोलापुर जिला, मंगलवेढ़ा
- गुरु – नामदेव
- उपाधि – महाराष्ट्र का पहला दलित कवि
अभंग परंपरा
- 13वीं सदी में वारकरी संतों द्वारा
- विठोबा की स्तुति में रचित छंद
- शूद्रों व अस्पृश्यों के लिए भी वारकरी पंथ खुला
परिवार
- माता-पिता, पत्नी सोयराबाई, बहन निर्मला, पुत्र कर्ममेला,
- सोयराबाई का भाई बंका महार – सभी विठ्ठल भक्त
- सभी ने अभंग रचना की
कृति
- विवेकदीप
सूफी आंदोलन : प्रारम्भ, शब्दावली, दर्शन
☪️ सूफी आंदोलन
- भारत में सूफी आंदोलन का प्रारम्भ
- भारत में सूफी आंदोलन का प्रारम्भ तुर्क आक्रांताओं के साथ माना जाता है।
- प्रथम तुर्क आक्रांता महमूद गजनवी के समय पहली बार सूफी संत भारत आए।
प्रारम्भिक सूफी संत
- 1005 ई. – महमूद गजनवी की पंजाब विजय के समय
- शेख इस्माइल भारत आने वाले प्रथम सूफी संत थे।
भारत आने वाले दूसरे सूफी संत –
- अली बिन उस्मान अल हुजवेरी
12वीं शताब्दी में –
- सैय्यद अहमद सखी सखर भारत आए
- ‘लखदाता’ के नाम से प्रसिद्ध
1192 ई. – तराइन के द्वितीय युद्ध के समय
1192 ई. – तराइन के द्वितीय युद्ध के समय
- ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती भारत आए
- मोहम्मद गौरी के साथ
सूफी शब्दावली (Sufi Terminology)
- पीर – गुरु
- मुरीद – शिष्य
- वली – गुरु का उत्तराधिकारी
- खानकाह – सूफियों का निवास स्थान (मठ)
- मजार – समाधि स्थल
फना / समा
- सूफी ईश्वर को महबूब और स्वयं को महबूबा मानते हैं।
- ईश्वर को रिझाने हेतु संगीत (कव्वाली) गाई जाती है जिसे समा कहते हैं।
- समा के माध्यम से ईश्वर में विलीन हो जाना ही फना कहलाता है।
- तसव्वुफ – रहस्यात्मक प्रवृत्तियाँ / आंदोलन
- मलफूजात – सूफी संतों के उपदेशों का संकलन
- मकतूबात – सूफी संतों के पत्रों का संकलन
- विलायत – राज्य नियंत्रण से मुक्त क्षेत्र
- खलीफा – इस्लाम का सर्वोच्च धार्मिक गुरु
- उलेमा – धार्मिक विद्वान
- काजी – धार्मिक न्यायाधीश
सूफी साहित्य
- भारत में इस्लामी रहस्यवाद पर लिखी गई प्रथम पुस्तक –
- “कश्फ-उल-महजूब”
- लेखक – अली बिन उस्मान अल हुजवेरी
प्रारम्भिक रहस्यवादी संत (विश्व संदर्भ)
राबिया (8वीं शताब्दी)
राबिया (8वीं शताब्दी)
- महान महिला सूफी संत
- तुलना – मीरा बाई से की जाती है
मंसूर बिन अल-हल्लाज (10वीं शताब्दी)
- स्वयं को “अनल-हक” (मैं ही ईश्वर हूँ) कहा
- परिणामस्वरूप फाँसी दी गई
सूफी दर्शन की दो प्रमुख विचारधाराएँ
1. वहदत-उल-वुजूद
- एक ही ईश्वर में विश्वास
- एकेश्वरवाद
- प्रवर्तक – इब्न-उल-अरबी
2. वहदत-उल-शुहूद
- आत्मा व परमात्मा में दास-मालिक संबंध
- प्रवर्तक – शेख अहमद सरहिन्दी
- नोट – दोनों विचारधाराओं का अंतिम लक्ष्य
- 👉 ईश्वर की प्राप्ति है।
सूफी आंदोलन की दो प्रवृत्तियाँ
1. बा-शरा
- शरीयत (इस्लामी कानून) में विश्वास
आगे चलकर अनेक सिलसिलों में विभाजित –
- चिश्ती
- सुहरावर्दी
- कादिरी
- नक्शबंदी
- फिरदौसी
- सत्तारी
2. बे-शरा
- शरीयत में विश्वास नहीं
- भ्रमणशील जीवन
- आगे चलकर पतन / समाप्त
प्रमुख सूफी सिलसिले एवं भारत में उनके संस्थापक
- सिलसिला
- संस्थापक
- स्थान
- चिश्ती
- ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती
- अजमेर
- सुहरावर्दी
- शिहाबुद्दीन सुहरावर्दी
- मुल्तान
- फिरदौसी
- बदरुद्दीन समरकंदी
- बिहार
- सत्तारी
- शाह अब्दुल्ला सत्तारी
- जौनपुर
- कादिरी
- नासिरुद्दीन जिलानी
- उच्छ
- नक्शबंदी
- ख्वाजा बाकी बिल्लाह
- उच्छ
|
|
|
|---|---|---|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
भारत में आगमन का क्रम
- चिश्ती → सुहरावर्दी → फिरदौसी → सत्तारी → कादिरी → नक्शबंदी

0 टिप्पणियाँ
कृपया सम्बन्धित पोस्ट को लेकर अपने सुझाव दें।