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राजस्थान कला और संस्कृति :- कैलेंडर व राष्ट्रीय पंचांग

राजस्थान कला और संस्कृति :- कैलेंडर व राष्ट्रीय पंचांग 


 हमारा देश भारतवर्ष त्योहारों का देश है , यहां सभी धर्मों के लोग आपसी गंगा जमुना तहजीब के साथ एक दुसरे के त्योहारों का सम्मान और हर्षोल्लास के साथ मनाते हैं ।




कैलेंडर संवत 

भारतीय कैलेंडर संवत के पंचांग के अनुसार 


  1. तिथि - 16
  2. वार - 7
  3. वर्ष/संवत - 1
  4. ग्रह - 9
  5. नक्षत्र - 27


भारत में भारतीय नवबर्ष की शुरुआत विक्रम संवत से मानी जाती है ।


विक्रम संवत 

  • उपनाम- हिंदू संवत, हिंदी संवत 
  • शुरूआत - 57 ईसा पूर्व
  • किसने की - उज्जैन के महाराजा विक्रमादित्य ने ।
  • विक्रम संवत अंग्रेजी वर्ष से 57 वर्ष आगे चलता है ।

जैसे वर्तमान में अंग्रेजी वर्ष 2024 है तो विक्रम संवत् - 2024+57=2081 होगा ।

  • A.D ईस्वी सन् - हमेशा सीधा होता है ।
  • B.C ईसा पूर्व - हमेशा उल्टा होता है ।
  • विक्रम संवत् में नववर्ष - चैत्र शुक्ल 1 (चैत्र शुल्क प्रतिपदा 

विक्रम संवत् का पहला दिन भी चैत्र शुक्ल प्रतिपदा ही होता है ।

  • विक्रम संवत् का अंतिम दिन चैत्र अमावस्या होता है ।
  • विक्रम संवत् का प्रथम माह - चैत्र 
  • विक्रम संवत् का अंतिम माह - फाल्गुन 

  • कुल माह - 12
  • ये सभी चंद्र गणना पर आधारित होते हैं।
  • चंद्रमास - 27  या 28 दिन का होता है।
  • प्रत्येक दो वर्ष बाद तीसरा वर्ष 13 माह का होता है।


विक्रम संवत् के माह में दो पक्ष होते हैं 

  1. कृष्ण पक्ष 
  2. शुक्ल पक्ष 


कृष्ण पक्ष 

  1. अन्य नाम - बदी, अशुभ, अंधेरा 
  2. इस पक्ष में चंद्रमा का आकार घटता है ।
  3. प्रथम तिथि - प्रतिपदा 
  4. अंतिम तिथि - 15 वीं तिथि अमावास होती हैं ।

शुक्ल पक्ष 

  1. अन्य नाम - शुभ, सुदी, उजाला 
  2. इस पक्ष में चंद्रमा का आकार बढ़ता है ।
  3. प्रथम तिथि - प्रतिपदा 
  4. अंतिम तिथि - 15 वीं तिथि पूर्णिमा होती हैं।

विक्रम संवत् के माह 

  • चैत्र 
  • वैशाख 
  • जयेस्ठ 
  • आषाढ़ 
  • श्रावण 
  • भाद्रपद 
  • आश्विन 
  • कार्तिक 
  • मार्गशीष
  • पौष 
  • माघ 
  • फाल्गुन


भारत के सभी राज्यों में हिंदु त्यौहारों को विक्रम संवत् की तिथि के अनुसार मनाया जाता है ।


शक संवत् 

इस संवत् की शुरूआत कुषाण वंश के शासक सम्राट कनिष्क ने 78 ईस्वी में शकों को पराजित किया , इसी उपलक्ष्य में इसको यादगार बनाए रखने के लिए शक संवत् की शुरआत की गई ।


शक संवत् विक्रम संवत् से 135 वर्ष पीछे होता है ।

जैसे वर्तमान में विक्रम संवत् 2081 चल रहा है तो शक संवत् 2081 - 135 = 1945 होगा ।


शक संवत् अंग्रेजी वर्ष से 78 वर्ष पीछे रहता है ।

जैसे वर्तमान में अंग्रेजी वर्ष 2024 है तो शक संवत् 2024 - 78 = 1945 होगा ।


शक संवत् को ही भारत का राष्ट्रीय संवत् 22 मार्च 1957 को घोषित किया गया , वर्तमान सभी सरकारी अवकाश शक संवत् के अनुसार ही माने जाते हैं।

शक संवत् के अनुसार नववर्ष - चैत्र कृष्ण प्रतिपदा को माना जाता हैं।


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हिजरी संवत् 

मुस्लिम धर्म में हिजरी संवत् के अनुसार त्यौहार मनाए जाते हैं , इसे इस्लाम धर्म का संवत् कहा जाता है ।

मोहम्मद पैगंबर सहाब का मक्का में विरोध होने के बाद , मक्का से मदीना में मोहम्मद सहाब ने 622 ईस्वी में यात्रा की , इस यात्रा को इस्लाम धर्म में हिजरत या हिजरा कहते हैं , और इसी उपलक्ष्य में हिजरी संवत् चलाया गया।

हिजरी संवत् 

  • हिजरी संवत् की गणना - 578 वर्ष ईस्वी से की जाती है ।
  • अंग्रेजी वर्ष से - 578 वर्ष पीछे 
  • विक्रम संवत् से - 578+57=635 वर्ष पीछे 
  • शक संवत् से - 578- 78=500 वर्ष पिछे 


हिजरी संवत् के महीने 

  • मोहर्रम 
  • सफर 
  • रवि उल अव्वल 
  • रवि उल सानी 
  • जामिद उल अव्वल 
  • जामिद उल सानी 
  • रज्जब 
  • साबान 
  • रमजान 
  • शब्बाल 
  • जिल्काद 
  • जिल्हिज 


दोस्तों यह लेख भारत और राजस्थान के सभी धर्मों के कैलेंडर को लेकर बनाया गया है , आगे भी आपको टॉपिक वाइस अति महत्वपूर्ण जानकारियां उपलब्ध करवाई जायेगी जिससे आप सभी की एग्जाम की तैयारी करने में मदद मिलेगी , आपको यह लेख पसंद आया हो तो इस ब्लॉग को अपने सहपाठी मित्रों को साझा करें।





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