नियंत्रण एवं समन्वय (Control and Coordination) Notes CET 2026 | मानव तंत्रिका तंत्र, न्यूरॉन एवं मस्तिष्क

 नियंत्रण एवं समन्वय (Control and Coordination) Notes CET 2026 | मानव तंत्रिका तंत्र, न्यूरॉन एवं मस्तिष्क

मानव तंत्रिका तंत्र, न्यूरॉन एवं मस्तिष्क


CET 2026, REET, Patwari, Police एवं अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं हेतु नियंत्रण एवं समन्वय (Control and Coordination) का विस्तृत अध्ययन। तंत्रिका तंत्र, न्यूरॉन, सिनेप्स, मस्तिष्क एवं CNS की सम्पूर्ण जानकारी।

नियंत्रण एवं समन्वय (Control and Coordination)

मानव शरीर अरबों कोशिकाओं से मिलकर बना एक अत्यंत जटिल जैविक तंत्र है। शरीर के विभिन्न अंगों एवं अंगतंत्रों के बीच सामंजस्य स्थापित करने तथा सभी गतिविधियों को नियंत्रित करने की प्रक्रिया को नियंत्रण एवं समन्वय (Control and Coordination) कहा जाता है।

प्रत्येक जीव अपने आसपास के वातावरण से विभिन्न प्रकार की संवेदनाएँ (Stimuli) प्राप्त करता है और उनके अनुसार प्रतिक्रिया देता है। यह प्रतिक्रिया तभी संभव होती है जब शरीर के विभिन्न अंग एक-दूसरे के साथ समन्वित रूप से कार्य करें।

मानव शरीर में यह कार्य मुख्य रूप से दो तंत्रों द्वारा किया जाता है—

  1. तंत्रिका तंत्र (Nervous System)
  2. अंतःस्रावी तंत्र (Endocrine System)

अंतःस्रावी तंत्र के हार्मोन तंत्रिका तंत्र की सहायता करते हैं, जबकि तंत्रिका तंत्र शरीर की त्वरित प्रतिक्रियाओं को नियंत्रित करता है।


जीवन की संगठनात्मक संरचना

जीवधारियों में संरचनात्मक संगठन निम्न प्रकार होता है—

कोशिका (Cell)

ऊतक (Tissue)

अंग (Organ)

अंगतंत्र (Organ System)

जीव (Organism)

महत्वपूर्ण तथ्य

  • कोशिका जीवन की संरचनात्मक एवं क्रियात्मक इकाई है।
  • समान संरचना एवं समान कार्य वाली कोशिकाओं का समूह ऊतक कहलाता है।
  • विभिन्न ऊतक मिलकर अंग बनाते हैं।
  • विभिन्न अंग मिलकर अंगतंत्र बनाते हैं।
  • विभिन्न अंगतंत्र मिलकर सम्पूर्ण जीव का निर्माण करते हैं।

तंत्रिका तंत्र (Nervous System)

तंत्रिका तंत्र शरीर का सबसे महत्वपूर्ण नियंत्रण तंत्र है।

यह शरीर में होने वाली लगभग सभी गतिविधियों का नियंत्रण करता है।

तंत्रिका तंत्र के प्रमुख कार्य

✔ वातावरण से सूचना प्राप्त करना

✔ सूचना का विश्लेषण करना

✔ उचित प्रतिक्रिया उत्पन्न करना

✔ सोचने एवं समझने की क्षमता प्रदान करना

✔ स्मृति का निर्माण करना

✔ ऐच्छिक एवं अनैच्छिक क्रियाओं का नियंत्रण

✔ विभिन्न अंगतंत्रों में समन्वय स्थापित करना


मानव तंत्रिका तंत्र (Human Nervous System)

मानव तंत्रिका तंत्र विशेष प्रकार की कोशिकाओं से बना होता है जिन्हें न्यूरॉन (Neuron) कहा जाता है।

मानव तंत्रिका तंत्र मुख्यतः तीन संरचनाओं से मिलकर बना होता है—

मानव तंत्रिका तंत्र

┌──────┼──────┐
│ │ │
मस्तिष्क मेरुरज्जु तंत्रिकाएँ
(Brain)(Spinal)(Nerves)
Cord

मुख्य भाग

  1. मस्तिष्क (Brain)
  2. मेरुरज्जु (Spinal Cord)
  3. तंत्रिकाएँ (Nerves)

तंत्रिका कोशिका (Neuron)

तंत्रिका तंत्र की संरचनात्मक एवं क्रियात्मक इकाई को न्यूरॉन कहते हैं।

यह शरीर की सबसे जटिल तथा सबसे लंबी कोशिका होती है।


न्यूरॉन का कार्य

  • शरीर के विभिन्न भागों से सूचना प्राप्त करना
  • सूचना को CNS तक पहुँचाना
  • CNS से प्राप्त संदेशों को शरीर के अन्य अंगों तक पहुँचाना
  • उद्दीपनों का संचार करना

न्यूरॉन की संरचना

          डेन्ड्राइट्स
/\ /\ /\ /\
/ \/ \/ \/ \

┌────────────┐
│ Cyton │
│ (Cell Body)│
└────────────┘



==============│==============

Axon


Synaptic
Terminal

न्यूरॉन के भाग

1. कोशिका काय (Cyton)

यह न्यूरॉन का मुख्य भाग होता है।

विशेषताएँ

  • अंडाकार या गोलाकार
  • केन्द्रक उपस्थित
  • कोशिकीय क्रियाओं का नियंत्रण केंद्र

परीक्षा उपयोगी तथ्य

अधिकांश कोशिका काय मस्तिष्क के धूसर द्रव्य (Grey Matter) में पाए जाते हैं।


2. डेन्ड्राइट्स (Dendrites)

डेन्ड्राइट्स कोशिका काय के समीप से निकलने वाली शाखायुक्त संरचनाएँ होती हैं।

कार्य

  • बाहरी उद्दीपनों को ग्रहण करना
  • सूचना को कोशिका काय तक पहुँचाना

3. एक्सॉन (Axon)

एक्सॉन न्यूरॉन का सबसे लंबा भाग होता है।

विशेषताएँ

  • लंबा बेलनाकार प्रवर्ध
  • लगभग समान मोटाई
  • कोशिका द्रव्य को एक्सोप्लाज्म कहते हैं

कार्य

तंत्रिका आवेगों को अगले न्यूरॉन या प्रभावी अंग तक पहुँचाना।


एक्सॉन के प्रकार

1. मायलिनेटेड तंतु

  • मायलिन आवरण उपस्थित
  • संदेशों का संचरण तीव्र
  • साल्टेटरी संचरण दर्शाते हैं

2. एमायलिनेटेड तंतु

  • मायलिन आवरण अनुपस्थित
  • संदेशों का संचरण अपेक्षाकृत धीमा

न्यूरॉन से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य

✅ मानव शरीर की सबसे लंबी कोशिका – न्यूरॉन

✅ न्यूरॉन में कोशिका विभाजन नहीं होता

✅ न्यूरॉन में पुनरुद्भवन क्षमता सबसे कम होती है

✅ न्यूरॉन तंत्रिका तंत्र की संरचनात्मक एवं क्रियात्मक इकाई है


सिनेप्स (Synapse)

दो समीपस्थ न्यूरॉनों के बीच का संबंध क्षेत्र सिनेप्स कहलाता है।

यह वह स्थान होता है जहाँ एक न्यूरॉन का एक्सॉन दूसरे न्यूरॉन के डेन्ड्राइट से बिना प्रत्यक्ष संपर्क के जुड़ा रहता है।


सिनेप्स का महत्व

  • सूचना का स्थानांतरण
  • तंत्रिका आवेगों का संचरण
  • न्यूरॉनों के बीच संचार

सिनेप्स के रासायनिक कारक

1. न्यूरोट्रांसमीटर (Neurotransmitters)

ये आवेगों की गति को बढ़ाते हैं।

उदाहरण

  • एसिटाइलकोलीन (Acetylcholine)
  • एपिनेफ्रिन (Epinephrine)
  • नॉरएपिनेफ्रिन (Norepinephrine)

2. न्यूरोइनहिबिटर्स (Neuro Inhibitors)

ये आवेगों की गति को धीमा करते हैं।

उदाहरण

  • GABA (Gamma Amino Butyric Acid)

केन्द्रीय तंत्रिका तंत्र (Central Nervous System)

CNS शरीर का नियंत्रण केंद्र है।

यह दो भागों से मिलकर बना होता है—

केन्द्रीय तंत्रिका तंत्र

┌────┴────┐
│ │
मस्तिष्क मेरुरज्जु
(Brain) (Spinal Cord)

मस्तिष्क (Brain)

मस्तिष्क शरीर का सर्वोच्च नियंत्रण केंद्र है।

यह कपाल (Skull) के भीतर सुरक्षित रहता है।


मस्तिष्क का भार

सामान्य वयस्क मनुष्य में—

1300–1400 ग्राम


मस्तिष्क की सुरक्षा

मस्तिष्क तीन झिल्लियों द्वारा सुरक्षित रहता है।

इन तीनों झिल्लियों को सामूहिक रूप से मेनिन्जेस (Meninges) कहते हैं।


मेनिन्जेस की तीन परतें

ड्यूरामेटर (Duramater)

एरैक्नॉइड (Arachnoid)

पायामेटर (Piamater)

ड्यूरामेटर

सबसे बाहरी मजबूत परत

एरैक्नॉइड

मध्य जालीनुमा परत

पायामेटर

सबसे अंदर की कोमल परत


सेरिब्रोस्पाइनल द्रव (CSF)

एरैक्नॉइड एवं पायामेटर के बीच के स्थान में CSF पाया जाता है।

CSF के कार्य

✔ मस्तिष्क को झटकों से बचाना

✔ मस्तिष्क को उत्प्लावन अवस्था में रखना

✔ पोषक पदार्थों का परिवहन

✔ गैसों एवं अपशिष्ट पदार्थों का आदान-प्रदान


मस्तिष्क को बनाने वाली अस्थियाँ

मानव कपाल 8 अस्थियों से बना होता है।

अस्थिसंख्या
फ्रंटल1
पेराइटल2
टेम्पोरल2
ऑक्सिपिटल1
एथमोइड1
स्फीनोइड1

मेनिन्जाइटिस (Meningitis)

यदि मेनिन्जेस में बैक्टीरिया या वायरस का संक्रमण हो जाए तो उसे मेनिन्जाइटिस कहते हैं।


मस्तिष्क की संरचना

               मस्तिष्क

┌─────────────┼─────────────┐
│ │ │
अग्र मस्तिष्क मध्य मस्तिष्क पश्च मस्तिष्क

1. अग्र मस्तिष्क (Fore Brain)

अग्र मस्तिष्क मस्तिष्क का सबसे विकसित भाग होता है।

इसमें मुख्यतः निम्न भाग सम्मिलित हैं—

  1. घ्राण पिंड
  2. प्रमस्तिष्क
  3. डाइएनसेफेलॉन

(i) घ्राण पिंड (Olfactory Lobes)

विशेषताएँ

  • एक जोड़ी में उपस्थित
  • गंध पहचानने का कार्य

महत्वपूर्ण तथ्य

सर्वाधिक विकसित घ्राण पिंड—

✅ शार्क मछली

✅ कुत्ते

में पाए जाते हैं।


(ii) प्रमस्तिष्क (Cerebrum)

प्रमस्तिष्क मस्तिष्क का सबसे बड़ा भाग होता है तथा इसे बुद्धि का केंद्र कहा जाता है।

प्रमुख कार्य

  • सोचने की क्षमता
  • तर्क करना
  • निर्णय लेना
  • स्मृति
  • भावनाएँ
  • ऐच्छिक क्रियाओं का नियंत्रण

महत्वपूर्ण तथ्य

  • कोरपस कैलोसम द्वारा दो गोलार्द्धों में विभाजित
  • दायाँ भाग शरीर के बाएँ भाग को नियंत्रित करता है
  • बायाँ भाग शरीर के दाएँ भाग को नियंत्रित करता है

भाग-2 में शामिल होगा:

✔ डाइएनसेफेलॉन (एपिथैलेमस, थैलेमस, हाइपोथैलेमस)

✔ मध्य मस्तिष्क

✔ पश्च मस्तिष्क

✔ पोन्स

✔ अनुमस्तिष्क

✔ मेडूला ऑब्लोंगेटा

✔ मेरुरज्जु

✔ प्रतिवर्ती क्रिया

✔ प्रतिवर्ती चाप

✔ परिधीय तंत्रिका तंत्र

✔ 12 कपाल तंत्रिकाएँ

✔ 31 मेरु तंत्रिकाएँ

✔ तंत्रिकीय संचरण

✔ अल्जाइमर एवं पार्किंसन रोग

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