नियंत्रण एवं समन्वय (Control and Coordination) – अग्न्याशय, अण्डाशय एवं वृषण | CET 2026 सम्पूर्ण अध्ययन नोट्स
Pancreas, Ovary & Testis Notes for Rajasthan CET 2026, REET, Patwar, VDO, LDC & All Competitive Exams
प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे CET Graduation 2026, REET, Patwar, Police, VDO, Lab Assistant तथा अन्य भर्ती परीक्षाओं में इन ग्रंथियों से संबंधित प्रश्न नियमित रूप से पूछे जाते हैं। इसलिए इनका विस्तृत अध्ययन परीक्षा की दृष्टि से अत्यंत आवश्यक है।
अग्न्याशय (Pancreas) – शरीर की शर्करा नियंत्रक ग्रंथि
अग्न्याशय मानव शरीर की एक महत्वपूर्ण मिश्रित ग्रंथि (Mixed Gland) है। यह अंतःस्रावी तथा बहिःस्रावी दोनों प्रकार के कार्य करती है।
बहिःस्रावी भाग पाचन एंजाइमों का निर्माण करता है जबकि अंतःस्रावी भाग हार्मोनों का स्रावण करता है।
अग्न्याशय की विशेषताएँ
✔ शरीर की मिश्रित ग्रंथि
✔ पाचन एंजाइम बनाती है
✔ रक्त शर्करा स्तर नियंत्रित करती है
✔ लैंगरहैंस की द्वीपिकाएँ पाई जाती हैं
लैंगरहैंस की द्वीपिकाएँ (Islets of Langerhans)
अग्न्याशय के अंतःस्रावी भाग में लैंगरहैंस की द्वीपिकाएँ पाई जाती हैं।
इनमें मुख्यतः तीन प्रकार की कोशिकाएँ होती हैं—
1. α-कोशिका (Alpha Cell)
यह ग्लूकागॉन हार्मोन का स्रावण करती है।
कार्य
ग्लाइकोजन को ग्लूकोज में बदलना।
ग्लाइकोजन → ग्लूकोज
प्रभाव
रक्त में शर्करा की मात्रा बढ़ जाती है।
2. β-कोशिका (Beta Cell)
यह इंसुलिन हार्मोन का स्रावण करती है।
कार्य
ग्लूकोज को ग्लाइकोजन में परिवर्तित करना।
ग्लूकोज → ग्लाइकोजन
प्रभाव
रक्त में शर्करा की मात्रा कम हो जाती है।
इंसुलिन (Insulin)
इंसुलिन मानव शरीर का अत्यंत महत्वपूर्ण हार्मोन है।
महत्वपूर्ण तथ्य
• सर्वप्रथम शुद्ध रूप में Banting एवं Best द्वारा प्राप्त किया गया।
• प्रयोगशाला में कृत्रिम रूप से तैयार किया गया पहला प्रोटीन हार्मोन।
• दो पेप्टाइड श्रृंखलाओं से बना होता है।
• डाइसल्फाइड बंधों द्वारा जुड़ा रहता है।
इंसुलिन की कमी से रोग
मधुमेह (Diabetes Mellitus)
जब शरीर में इंसुलिन की कमी हो जाती है तब रक्त में ग्लूकोज की मात्रा बढ़ जाती है।
प्रमुख लक्षण
✔ बार-बार मूत्र त्याग (Polyuria)
✔ अत्यधिक प्यास (Polydipsia)
✔ कमजोरी
✔ वजन घटना
✔ रक्त शर्करा बढ़ना
इंसुलिन की अधिकता
इंसुलिन अधिक होने पर रक्त में शर्करा की मात्रा अत्यधिक कम हो जाती है।
इस अवस्था को Hypoglycemia कहते हैं।
3. δ-कोशिका (Delta Cell)
यह सोमेटोस्टेटिन (Somatostatin) हार्मोन का स्रावण करती है।
कार्य
वृद्धि हार्मोन (Growth Hormone) को नियंत्रित करना।
अण्डाशय (Ovary)
अण्डाशय स्त्रियों की प्रमुख जनन ग्रंथि है जो अण्डाणु निर्माण तथा स्त्री हार्मोनों का स्रावण करती है।
गर्भाशय की परतें
- पेरीमेट्रियम (Perimetrium) – बाहरी परत
- मायोमेट्रियम (Myometrium) – मध्य परत
- एण्डोमेट्रियम (Endometrium) – आंतरिक परत
फेलोपियन नलिका
इसे अण्डवाहिनी नलिका भी कहते हैं।
यहीं पर निषेचन (Fertilization) की प्रक्रिया होती है।
निषेचन क्या है?
शुक्राणु और अण्डाणु के संलयन को निषेचन कहते हैं।
अण्डाशय से स्रावित हार्मोन
1. एस्ट्रोजन (Estrogen)
यह एक स्टेरॉयड हार्मोन है।
स्रोत
ग्रेफियन पुटिका की थीका इंटरना
एस्ट्रोजन के कार्य
स्त्रियों में द्वितीयक लैंगिक लक्षणों का विकास
✔ स्तनों का विकास
✔ पतली आवाज
✔ जननांगों का विकास
✔ शरीर की स्त्री-सुलभ संरचना
अन्य कार्य
✔ कंकाल पेशियों का विकास
✔ प्रजनन अंगों का विकास
✔ लैंगिक व्यवहार का नियंत्रण
रजोनिवृत्ति (Menopause)
रजोनिवृत्ति के समय एस्ट्रोजन हार्मोन की मात्रा कम हो जाती है।
परिणाम
ऑस्टियोपोरोसिस (हड्डियों में छिद्र)
उपचार
Hormone Replacement Therapy (HRT)
2. प्रोजेस्टेरोन (Progesterone)
स्रोत
कॉर्पस ल्यूटियम
प्रमुख कार्य
✔ गर्भावस्था बनाए रखना
✔ गर्भाशय को सुरक्षित रखना
✔ दुग्ध ग्रंथियों का विकास
✔ मासिक चक्र का नियंत्रण
विशेष नाम
Pregnancy Hormone
Anti-Abortion Hormone
3. रिलैक्सिन (Relaxin)
यह गर्भाशय में संकुचन उत्पन्न करता है।
प्लेसेंटा (Placenta)
प्लेसेंटा गर्भावस्था के दौरान बनने वाली अस्थायी संरचना है।
यह माता एवं भ्रूण के बीच संपर्क स्थापित करती है।
प्लेसेंटा के कार्य
1. पोषण प्रदान करना
2. ऑक्सीजन पहुँचाना
3. उत्सर्जी पदार्थ बाहर निकालना
HCG हार्मोन
(Human Chorionic Gonadotropin)
विशेष नाम
Pregnancy Test Hormone
विशेष तथ्य
गर्भवती महिला के मूत्र में पाया जाता है।
आधुनिक प्रेग्नेंसी टेस्ट इसी हार्मोन पर आधारित होते हैं।
महत्वपूर्ण तथ्य
Menarche (मेनार्की)
पहला मासिक धर्म
आयु – 12 से 14 वर्ष
Menopause (मेनोपॉज)
मासिक धर्म का स्थायी रूप से बंद होना
आयु – 50 से 55 वर्ष
Menstrual Cycle
सामान्य अवधि – 28 दिन
निषेचन के लगभग पाँचवें दिन भ्रूण का गर्भाशय में रोपण (Implantation) होता है।
वृषण (Testis)
वृषण पुरुषों की प्रमुख जनन ग्रंथि है।
ये शुक्राणु निर्माण तथा टेस्टोस्टेरॉन हार्मोन का स्रावण करते हैं।
स्थिति
भ्रूण अवस्था में उदरगुहा में स्थित रहते हैं।
गर्भावस्था के सातवें या आठवें महीने में अंडकोश में उतर जाते हैं।
बाहर आने का कारण
शुक्राणु निर्माण के लिए शरीर के तापमान से लगभग 2–2.5°C कम तापमान आवश्यक होता है।
क्रिप्टॉर्किडिज्म (Cryptorchidism)
जब वृषण अंडकोश में नहीं उतरते और उदरगुहा में ही रह जाते हैं, तो इस स्थिति को क्रिप्टॉर्किडिज्म कहते हैं।
वृषण की कोशिकाएँ
1. सर्टोली कोशिका (Sertoli Cell)
कार्य
शुक्राणुओं को पोषण प्रदान करना।
2. लेडिग कोशिका (Leydig Cell)
कार्य
टेस्टोस्टेरॉन हार्मोन का स्रावण।
टेस्टोस्टेरॉन (Testosterone)
पुरुषों का प्रमुख लैंगिक हार्मोन।
टेस्टोस्टेरॉन के कार्य
द्वितीयक लैंगिक लक्षणों का विकास
✔ भारी आवाज
✔ दाढ़ी-मूंछ
✔ मांसपेशियों का विकास
✔ पुरुषत्व का विकास
अन्य कार्य
✔ कंकाल पेशियों की वृद्धि
✔ मर्दाना शक्ति उत्पन्न करना
✔ कोलेस्ट्रॉल स्तर बढ़ाना
✔ लैंगिक व्यवहार नियंत्रित करना
परीक्षा हेतु अत्यंत महत्वपूर्ण तथ्य
✔ अग्न्याशय = मिश्रित ग्रंथि
✔ α-Cell = Glucagon
✔ β-Cell = Insulin
✔ δ-Cell = Somatostatin
✔ Insulin खोज = Banting एवं Best
✔ Diabetes Mellitus = इंसुलिन की कमी
✔ Hypoglycemia = इंसुलिन की अधिकता
✔ Estrogen = स्त्री हार्मोन
✔ Progesterone = Pregnancy Hormone
✔ HCG = Pregnancy Test Hormone
✔ Sertoli Cell = पोषण
✔ Leydig Cell = Testosterone
✔ Menstrual Cycle = 28 दिन
✔ Menarche = 12–14 वर्ष
✔ Menopause = 50–55 वर्ष
✔ Cryptorchidism = वृषण का नीचे न उतरना
निष्कर्ष
नियंत्रण एवं समन्वय अध्याय का यह भाग मानव शरीर की प्रमुख अंतःस्रावी एवं जनन ग्रंथियों की विस्तृत जानकारी प्रदान करता है। अग्न्याशय रक्त शर्करा को नियंत्रित करता है, अण्डाशय स्त्री प्रजनन एवं हार्मोनल संतुलन बनाए रखता है तथा वृषण पुरुषों में शुक्राणु निर्माण एवं पुरुषत्व के विकास के लिए उत्तरदायी होते हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं में इस अध्याय से प्रतिवर्ष प्रश्न पूछे जाते हैं, इसलिए इसका गहन अध्ययन सफलता की कुंजी है।

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