अनुच्छेद 12 से 35 तक ऐसे याद करें: CET 2026 के लिए मौलिक अधिकारों की पूरी तैयारी
भारतीय संविधान के मौलिक अधिकार: अनुच्छेद 12 से 35 आसान भाषा में | CET Graduation 2026
भारतीय संविधान में मौलिक अधिकार व्यक्ति की स्वतंत्रता, समानता, गरिमा और संवैधानिक सुरक्षा के महत्वपूर्ण आधार हैं। इन अधिकारों का वर्णन संविधान के भाग III (Part III), अनुच्छेद 12 से 35 में किया गया है।
CET Graduation सहित लगभग सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में मौलिक अधिकारों से अनुच्छेद-मिलान, कथन आधारित प्रश्न, संवैधानिक रिट, समानता, स्वतंत्रता, धार्मिक स्वतंत्रता और शिक्षा के अधिकार से प्रश्न पूछे जा सकते हैं।
मौलिक अधिकार क्या हैं?
मौलिक अधिकार संविधान द्वारा दिए गए ऐसे महत्वपूर्ण अधिकार हैं जिनका उद्देश्य व्यक्ति की स्वतंत्रता, समानता और गरिमा की रक्षा करना है। इन अधिकारों के उल्लंघन की स्थिति में न्यायालय की शरण ली जा सकती है।
वर्तमान में भारतीय संविधान के अंतर्गत 6 प्रमुख मौलिक अधिकार माने जाते हैं।
| मौलिक अधिकार | अनुच्छेद |
|---|---|
| समानता का अधिकार | अनुच्छेद 14–18 |
| स्वतंत्रता का अधिकार | अनुच्छेद 19–22 |
| शोषण के विरुद्ध अधिकार | अनुच्छेद 23–24 |
| धर्म की स्वतंत्रता का अधिकार | अनुच्छेद 25–28 |
| सांस्कृतिक एवं शैक्षिक अधिकार | अनुच्छेद 29–30 |
| संवैधानिक उपचार का अधिकार | मुख्यतः अनुच्छेद 32 |
अनुच्छेद 12 से 35: एक-एक करके समझें
1. अनुच्छेद 12 – ‘राज्य’ की परिभाषा
अनुच्छेद 12 यह बताता है कि मौलिक अधिकारों के संदर्भ में “राज्य” से क्या तात्पर्य है।
इसमें भारत सरकार और संसद, राज्य सरकारें और विधानमंडल तथा भारत के क्षेत्र में स्थित या भारत सरकार के नियंत्रण के अधीन स्थानीय अथवा अन्य प्राधिकरण शामिल होते हैं।
2. अनुच्छेद 13 – मौलिक अधिकारों के विरुद्ध कानून
अनुच्छेद 13 मौलिक अधिकारों की रक्षा का महत्वपूर्ण आधार है। राज्य ऐसा कानून नहीं बना सकता जो भाग III द्वारा दिए गए मौलिक अधिकारों को छीनता या कम करता हो।
मौलिक अधिकारों से असंगत कानून असंगति की सीमा तक शून्य हो सकता है।
समानता का अधिकार: अनुच्छेद 14 से 18
3. अनुच्छेद 14 – विधि के समक्ष समानता
अनुच्छेद 14 के अंतर्गत राज्य किसी व्यक्ति को विधि के समक्ष समानता अथवा विधियों के समान संरक्षण से वंचित नहीं करेगा।
ध्यान दें कि अनुच्छेद 14 में शब्द “व्यक्ति” है, इसलिए इसका संरक्षण केवल भारतीय नागरिकों तक सीमित नहीं है।
4. अनुच्छेद 15 – भेदभाव का निषेध
अनुच्छेद 15 राज्य द्वारा नागरिकों के विरुद्ध केवल धर्म, मूलवंश (race), जाति, लिंग या जन्मस्थान के आधार पर भेदभाव का निषेध करता है।
हालांकि संविधान महिलाओं, बच्चों, सामाजिक और शैक्षिक रूप से पिछड़े वर्गों, अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों सहित कुछ वर्गों के लिए विशेष प्रावधानों की अनुमति देता है।
5. अनुच्छेद 16 – लोक नियोजन में अवसर की समानता
अनुच्छेद 16 राज्य के अधीन नौकरी या पद के संबंध में नागरिकों को अवसर की समानता प्रदान करता है।
संविधान द्वारा निर्धारित परिस्थितियों में आरक्षण अथवा विशेष प्रावधान किए जा सकते हैं।
6. अनुच्छेद 17 – अस्पृश्यता का अंत
अनुच्छेद 17 अस्पृश्यता का उन्मूलन करता है और किसी भी रूप में इसके व्यवहार को निषिद्ध करता है।
अस्पृश्यता से उत्पन्न किसी निर्योग्यता को लागू करना कानून के अनुसार दंडनीय अपराध है।
7. अनुच्छेद 18 – उपाधियों का अंत
अनुच्छेद 18 उपाधियों के उन्मूलन से संबंधित है। राज्य सैन्य या शैक्षणिक विशिष्टता को छोड़कर कोई उपाधि प्रदान नहीं करेगा।
स्वतंत्रता का अधिकार: अनुच्छेद 19 से 22
8. अनुच्छेद 19 – छह स्वतंत्रताएँ
अनुच्छेद 19 भारतीय नागरिकों को छह प्रमुख स्वतंत्रताएँ प्रदान करता है।
- वाक् और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता
- शांतिपूर्वक और बिना हथियार सभा करने की स्वतंत्रता
- संघ, संगठन या सहकारी समितियाँ बनाने की स्वतंत्रता
- भारत के पूरे क्षेत्र में स्वतंत्र रूप से घूमने की स्वतंत्रता
- भारत के किसी भाग में निवास और बसने की स्वतंत्रता
- कोई व्यवसाय, व्यापार या पेशा करने की स्वतंत्रता
ये स्वतंत्रताएँ पूर्ण या निरपेक्ष नहीं हैं। संविधान में बताए गए आधारों पर इनके ऊपर युक्तियुक्त प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं।
9. अनुच्छेद 20 – अपराधों के संबंध में संरक्षण
अनुच्छेद 20 अपराध के लिए दोषसिद्धि से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण संवैधानिक सुरक्षाएँ प्रदान करता है।
- Ex-post-facto law: बाद में बने दंडात्मक कानून से पुराने कार्य के लिए प्रतिकूल रूप से दंड नहीं।
- Double Jeopardy: एक ही अपराध के लिए दो बार अभियोजित और दंडित नहीं।
- Self-incrimination: आरोपी को स्वयं अपने विरुद्ध गवाह बनने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता।
10. अनुच्छेद 21 – जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता
अनुच्छेद 21 के अनुसार किसी व्यक्ति को उसके जीवन या व्यक्तिगत स्वतंत्रता से विधि द्वारा स्थापित प्रक्रिया के अनुसार ही वंचित किया जा सकता है।
भारतीय संवैधानिक व्यवस्था में Article 21 अत्यंत महत्वपूर्ण मौलिक अधिकारों में से एक है।
11. अनुच्छेद 21A – शिक्षा का अधिकार
अनुच्छेद 21A के अनुसार राज्य 6 से 14 वर्ष की आयु के सभी बच्चों को कानून द्वारा निर्धारित तरीके से निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा प्रदान करेगा।
12. अनुच्छेद 22 – गिरफ्तारी और निरोध से संरक्षण
अनुच्छेद 22 गिरफ्तारी और निरोध की कुछ परिस्थितियों में संरक्षण देता है।
सामान्य गिरफ्तारी के मामले में व्यक्ति को गिरफ्तारी के कारणों की जानकारी देने, अपनी पसंद के विधि-व्यवसायी से परामर्श एवं प्रतिरक्षा कराने तथा सामान्यतः 24 घंटे के भीतर निकटतम मजिस्ट्रेट के सामने प्रस्तुत किए जाने जैसी संवैधानिक सुरक्षा प्राप्त है।
अनुच्छेद 22 में निवारक निरोध (Preventive Detention) से संबंधित अलग प्रावधान भी हैं।
शोषण के विरुद्ध अधिकार: अनुच्छेद 23–24
13. अनुच्छेद 23 – मानव दुर्व्यापार और बेगार का निषेध
अनुच्छेद 23 मानव दुर्व्यापार, बेगार और इसी प्रकार के अन्य जबरन श्रम को प्रतिबंधित करता है।
14. अनुच्छेद 24 – बाल श्रम से संबंधित संरक्षण
अनुच्छेद 24 के अनुसार 14 वर्ष से कम आयु के किसी बच्चे को कारखाने या खान में नियोजित नहीं किया जा सकता और न ही अन्य संकटपूर्ण रोजगार में लगाया जा सकता है।
धर्म की स्वतंत्रता का अधिकार: अनुच्छेद 25–28
15. अनुच्छेद 25 – अंतःकरण और धर्म की स्वतंत्रता
अनुच्छेद 25 सभी व्यक्तियों को अंतःकरण की स्वतंत्रता तथा धर्म को मानने, आचरण करने और प्रचार करने की स्वतंत्रता प्रदान करता है।
यह अधिकार सार्वजनिक व्यवस्था, सदाचार, स्वास्थ्य और संविधान के अन्य प्रावधानों के अधीन है।
16. अनुच्छेद 26 – धार्मिक मामलों का प्रबंधन
अनुच्छेद 26 धार्मिक संप्रदायों को निर्धारित संवैधानिक शर्तों के अधीन धार्मिक और धर्मार्थ संस्थाओं की स्थापना एवं रखरखाव तथा अपने धार्मिक मामलों का प्रबंधन करने की स्वतंत्रता देता है।
17. अनुच्छेद 27 – किसी विशेष धर्म के प्रचार हेतु कर
अनुच्छेद 27 के अनुसार किसी व्यक्ति को ऐसे कर के भुगतान के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा जिसकी आय विशेष रूप से किसी खास धर्म या धार्मिक संप्रदाय की उन्नति या रखरखाव पर खर्च की जाए।
18. अनुच्छेद 28 – धार्मिक शिक्षा और उपासना
अनुच्छेद 28 कुछ शैक्षणिक संस्थानों में धार्मिक शिक्षा तथा धार्मिक उपासना में भाग लेने से संबंधित संवैधानिक व्यवस्था प्रदान करता है।
सांस्कृतिक और शैक्षिक अधिकार: अनुच्छेद 29–30
19. अनुच्छेद 29 – भाषा, लिपि और संस्कृति की सुरक्षा
अनुच्छेद 29 भारत के क्षेत्र या उसके किसी भाग में रहने वाले नागरिकों के ऐसे वर्ग को, जिसकी अपनी विशिष्ट भाषा, लिपि या संस्कृति है, उसे सुरक्षित रखने का अधिकार देता है।
20. अनुच्छेद 30 – अल्पसंख्यकों के शैक्षिक संस्थान
अनुच्छेद 30 धार्मिक या भाषायी अल्पसंख्यकों को अपनी पसंद के शैक्षणिक संस्थानों की स्थापना और प्रशासन का अधिकार देता है।
अनुच्छेद 31 का क्या हुआ?
प्रतियोगी परीक्षाओं में यह एक महत्वपूर्ण प्रश्न है। संपत्ति का अधिकार अब मौलिक अधिकार नहीं है।
मूल संविधान में संपत्ति से जुड़े मौलिक अधिकारों की व्यवस्था थी, लेकिन 44वें संविधान संशोधन के बाद संपत्ति का अधिकार मौलिक अधिकारों की सूची से हटा दिया गया।
अब संपत्ति का अधिकार अनुच्छेद 300A के अंतर्गत संवैधानिक अधिकार के रूप में मौजूद है।
संपत्ति का अधिकार → मौलिक अधिकार नहीं
वर्तमान अनुच्छेद → 300A
संवैधानिक उपचार का अधिकार
21. अनुच्छेद 32 – मौलिक अधिकारों का संरक्षक
यदि किसी व्यक्ति के मौलिक अधिकार का उल्लंघन होता है तो अनुच्छेद 32 के तहत मौलिक अधिकारों के प्रवर्तन के लिए सर्वोच्च न्यायालय जाने का अधिकार उपलब्ध है।
सर्वोच्च न्यायालय इसके लिए आवश्यक निर्देश, आदेश या रिट (Writs) जारी कर सकता है।
अनुच्छेद 32 के अंतर्गत 5 प्रमुख रिट
| रिट | सरल अर्थ |
|---|---|
| Habeas Corpus | बंदी को न्यायालय के सामने प्रस्तुत करो |
| Mandamus | लोक प्राधिकारी को वैधानिक कर्तव्य करने का आदेश |
| Prohibition | अधीनस्थ न्यायालय/अधिकरण को अधिकार-क्षेत्र से बाहर कार्य करने से रोकना |
| Certiorari | अधीनस्थ न्यायालय/अधिकरण के आदेश/कार्यवाही की न्यायिक समीक्षा और उपयुक्त स्थिति में निरस्तीकरण |
| Quo Warranto | पूछना कि व्यक्ति किस अधिकार से सार्वजनिक पद पर है |
Habeas Corpus → Mandamus → Prohibition → Certiorari → Quo Warranto
अनुच्छेद 33 से 35 क्या हैं?
अनुच्छेद 33
संसद को कुछ परिस्थितियों में सशस्त्र बलों तथा सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने से जुड़े बलों आदि पर लागू मौलिक अधिकारों को सीमित या संशोधित करने के संबंध में कानून बनाने की शक्ति देता है, ताकि अनुशासन और कर्तव्य का उचित निर्वहन सुनिश्चित किया जा सके।
अनुच्छेद 34
किसी क्षेत्र में मार्शल लॉ लागू होने की स्थिति से जुड़े मौलिक अधिकारों और संसद की क्षतिपूर्ति संबंधी शक्ति से संबंधित प्रावधान करता है।
अनुच्छेद 35
भाग III के कुछ निर्दिष्ट विषयों पर कानून बनाने की शक्ति संसद को प्रदान करता है।
अनुच्छेद 12 से 35: एक नजर में
| अनुच्छेद | मुख्य विषय |
|---|---|
| 12 | राज्य की परिभाषा |
| 13 | मौलिक अधिकारों के विरुद्ध कानून |
| 14 | विधि के समक्ष समानता |
| 15 | भेदभाव का निषेध |
| 16 | लोक नियोजन में अवसर की समानता |
| 17 | अस्पृश्यता का अंत |
| 18 | उपाधियों का अंत |
| 19 | छह प्रमुख स्वतंत्रताएँ |
| 20 | अपराधों के लिए दोषसिद्धि के संबंध में संरक्षण |
| 21 | जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता |
| 21A | 6–14 वर्ष के बच्चों की शिक्षा |
| 22 | गिरफ्तारी और निरोध से संबंधित संरक्षण |
| 23 | मानव दुर्व्यापार और बेगार आदि का निषेध |
| 24 | बच्चों के संकटपूर्ण रोजगार पर रोक |
| 25 | अंतःकरण और धर्म की स्वतंत्रता |
| 26 | धार्मिक मामलों का प्रबंधन |
| 27 | विशेष धर्म के प्रचार हेतु कर से स्वतंत्रता |
| 28 | धार्मिक शिक्षा/उपासना से संबंधित स्वतंत्रता |
| 29 | भाषा, लिपि और संस्कृति की सुरक्षा |
| 30 | अल्पसंख्यकों के शैक्षणिक संस्थान |
| 32 | मौलिक अधिकारों के प्रवर्तन हेतु संवैधानिक उपचार |
| 33 | बलों आदि पर अधिकारों में संसद द्वारा परिवर्तन/सीमा |
| 34 | मार्शल लॉ की स्थिति से संबंधित प्रावधान |
| 35 | कुछ विषयों पर संसद की विधायी शक्ति |
CET के लिए सबसे जरूरी 10 अनुच्छेद
14 → समानता
15 → भेदभाव का निषेध
16 → सरकारी नौकरी में अवसर की समानता
17 → अस्पृश्यता समाप्त
19 → छह स्वतंत्रताएँ
21 → जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता
21A → 6–14 वर्ष की शिक्षा
23 → मानव दुर्व्यापार और बेगार पर रोक
25 → धर्म की स्वतंत्रता
32 → संवैधानिक उपचार
मौलिक अधिकार याद रखने की आसान ट्रिक
पहले इन छह अंकों को याद करें: 14 → 17 → 19 → 21 → 25 → 32
इनके आसपास के अनुच्छेद जोड़ते जाने पर पूरा Fundamental Rights Chapter याद करना आसान हो जाएगा।
CET Graduation 2026 अभ्यास: 10 महत्वपूर्ण MCQ
1. भारतीय संविधान में मौलिक अधिकार किस भाग में दिए गए हैं?
- भाग I
- भाग II
- भाग III
- भाग IV
उत्तर: C — भाग III
2. विधि के समक्ष समानता किस अनुच्छेद में है?
- अनुच्छेद 14
- अनुच्छेद 16
- अनुच्छेद 19
- अनुच्छेद 21
उत्तर: A — अनुच्छेद 14
3. अस्पृश्यता का उन्मूलन किस अनुच्छेद में किया गया है?
- अनुच्छेद 15
- अनुच्छेद 16
- अनुच्छेद 17
- अनुच्छेद 18
उत्तर: C — अनुच्छेद 17
4. छह प्रमुख स्वतंत्रताएँ किस अनुच्छेद से संबंधित हैं?
- अनुच्छेद 18
- अनुच्छेद 19
- अनुच्छेद 20
- अनुच्छेद 22
उत्तर: B — अनुच्छेद 19
5. जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का संरक्षण किस अनुच्छेद में है?
- अनुच्छेद 19
- अनुच्छेद 20
- अनुच्छेद 21
- अनुच्छेद 22
उत्तर: C — अनुच्छेद 21
6. 6 से 14 वर्ष के बच्चों की शिक्षा किस मौलिक अधिकार से जुड़ी है?
- अनुच्छेद 19
- अनुच्छेद 20
- अनुच्छेद 21A
- अनुच्छेद 24
उत्तर: C — अनुच्छेद 21A
7. मानव दुर्व्यापार और बेगार का निषेध किस अनुच्छेद में है?
- अनुच्छेद 22
- अनुच्छेद 23
- अनुच्छेद 24
- अनुच्छेद 25
उत्तर: B — अनुच्छेद 23
8. धर्म को मानने, आचरण करने और प्रचार करने की स्वतंत्रता मुख्यतः किस अनुच्छेद से जुड़ी है?
- अनुच्छेद 23
- अनुच्छेद 24
- अनुच्छेद 25
- अनुच्छेद 29
उत्तर: C — अनुच्छेद 25
9. अल्पसंख्यकों को अपनी पसंद के शैक्षणिक संस्थानों की स्थापना और प्रशासन का अधिकार किस अनुच्छेद में है?
- अनुच्छेद 27
- अनुच्छेद 28
- अनुच्छेद 29
- अनुच्छेद 30
उत्तर: D — अनुच्छेद 30
10. मौलिक अधिकारों के प्रवर्तन के लिए सर्वोच्च न्यायालय जाने की व्यवस्था किस अनुच्छेद में है?
- अनुच्छेद 30
- अनुच्छेद 31
- अनुच्छेद 32
- अनुच्छेद 35
उत्तर: C — अनुच्छेद 32
Bonus CET Questions
संपत्ति का अधिकार अब क्या है?
संपत्ति का अधिकार अब मौलिक अधिकार नहीं है। यह अनुच्छेद 300A के अंतर्गत संवैधानिक अधिकार है।
Article 19 किसे प्राप्त है?
अनुच्छेद 19 में दी गई स्वतंत्रताएँ भारतीय नागरिकों को प्राप्त हैं।
Article 14 में कौन-सा शब्द महत्वपूर्ण है?
अनुच्छेद 14 में “any person” अर्थात किसी व्यक्ति की बात की गई है।
30 सेकंड में मौलिक अधिकार Revision
12 → State की परिभाषा
13 → मौलिक अधिकार-विरोधी कानून
14–18 → समानता
19–22 → स्वतंत्रता
23–24 → शोषण के विरुद्ध
25–28 → धार्मिक स्वतंत्रता
29–30 → संस्कृति और शिक्षा
32 → संवैधानिक उपचार
33–35 → Part III से संबंधित विशेष प्रावधान
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
भारतीय संविधान में मौलिक अधिकार कहाँ दिए गए हैं?
मौलिक अधिकार संविधान के भाग III में अनुच्छेद 12 से 35 के अंतर्गत दिए गए हैं।
भारत में वर्तमान में कितने प्रमुख मौलिक अधिकार हैं?
वर्तमान संवैधानिक व्यवस्था में छह प्रमुख मौलिक अधिकार माने जाते हैं— समानता, स्वतंत्रता, शोषण के विरुद्ध अधिकार, धर्म की स्वतंत्रता, सांस्कृतिक एवं शैक्षिक अधिकार तथा संवैधानिक उपचार का अधिकार।
सबसे महत्वपूर्ण अनुच्छेद कौन-से याद करने चाहिए?
परीक्षा की दृष्टि से अनुच्छेद 14, 15, 16, 17, 18, 19, 20, 21, 21A, 22, 23, 24, 25, 29, 30 और 32 विशेष रूप से महत्वपूर्ण हैं।
Article 32 क्यों महत्वपूर्ण है?
यह मौलिक अधिकारों के प्रवर्तन के लिए सर्वोच्च न्यायालय की शरण लेने का संवैधानिक अधिकार प्रदान करता है और न्यायालय को आवश्यक रिट जारी करने की शक्ति देता है।
क्या संपत्ति का अधिकार मौलिक अधिकार है?
नहीं। संपत्ति का अधिकार अब मौलिक अधिकार नहीं है। यह संविधान के अनुच्छेद 300A के तहत संवैधानिक अधिकार है।
क्या मौलिक अधिकार पूर्णतः निरपेक्ष हैं?
नहीं। संविधान में कई मौलिक अधिकार निर्धारित शर्तों, अपवादों और युक्तियुक्त प्रतिबंधों के अधीन हैं।
निष्कर्ष
भारतीय संविधान के मौलिक अधिकारों को केवल अनुच्छेद नंबर याद करके पढ़ना पर्याप्त नहीं है। CET Graduation 2026 की तैयारी के लिए प्रत्येक अनुच्छेद को उसके अधिकार + मुख्य शब्द + अपवाद + संबंधित अनुच्छेद के साथ जोड़कर पढ़ना अधिक उपयोगी है।
शुरुआत में यह क्रम याद करें: 14–18 समानता → 19–22 स्वतंत्रता → 23–24 शोषण के विरुद्ध → 25–28 धर्म → 29–30 संस्कृति एवं शिक्षा → 32 संवैधानिक उपचार।
इसके बाद Article 12, 13, 21A तथा 33–35 को जोड़कर Part III की संरचना पूरी करें और रोज MCQ अभ्यास करें।
आधिकारिक एवं विश्वसनीय अध्ययन स्रोत
महत्वपूर्ण: यह लेख प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी और शैक्षणिक पुनरावृत्ति के उद्देश्य से तैयार किया गया है। किसी कानूनी विवाद या व्यक्तिगत कानूनी सलाह के लिए संविधान के नवीनतम आधिकारिक पाठ और सक्षम विधिक विशेषज्ञ को प्राथमिकता दें। CET परीक्षा के लिए RSSB द्वारा जारी नवीनतम आधिकारिक सिलेबस और अधिसूचना अंतिम मानी जाए।